"ग्रेटर नोएडा में जापान-सिंगापुर सिटी का प्रस्ताव, 1000 एकड़ में औद्योगिक विकास"

"ग्रेटर नोएडा में जापान-सिंगापुर सिटी का प्रस्ताव, 1000 एकड़ में औद्योगिक विकास"

Japan-Singapore City proposed in Greater Noida

Japan-Singapore City proposed in Greater Noida

  1. यीडा ने ग्रेटर नोएडा में 'जापान सिटी' और 'सिंगापुर सिटी' का प्रस्ताव भेजा।

  2. 1000 एकड़ भूमि पर विकसित होंगे ये एकीकृत औद्योगिक शहर।

  3. औद्योगिक, आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत सुविधाओं का मिश्रण होगा।

लखनऊ। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक क्रांति को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में प्रस्तावित 'जापान सिटी' और 'सिंगापुर सिटी' के विकास का औपचारिक प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। 18 फरवरी 2026 को जारी इस पत्र के माध्यम से अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त को सूचित किया गया है कि इन दोनों वैश्विक शहरों के लिए रणनीतिक रूप से भूमि चिन्हित कर ली गई है और जल्द ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

मुख्यमंत्री के विदेश दौरे से पहले मास्टरप्लान तैयार

यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रस्तावित जापान और सिंगापुर यात्रा के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शासन की अपेक्षाओं के अनुरूप यीडा के सीईओ आरके सिंह ने बताया कि प्राधिकरण ने सेक्टर-5A और सेक्टर-7 को इन परियोजनाओं के लिए नियोजित किया है। इन क्षेत्रों को एक 'इंटीग्रेटेड औद्योगिक सिटी' के रूप में विकसित करने की योजना है, जो वैश्विक मानकों के अनुरूप अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे।

सेक्टर-5A और सेक्टर-7 का नया स्वरूप

प्राधिकरण की महायोजना के अनुसार, इन दोनों सेक्टरों को मल्टीपर्पज औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। योजना के तहत इन शहरों में न्यूनतम 70 प्रतिशत हिस्सा औद्योगिक उपयोग के लिए आरक्षित होगा। इसके अलावा, यहां काम करने वाले लोगों की सुविधा के लिए अधिकतम 12 प्रतिशत आवासीय, 13 प्रतिशत वाणिज्यिक और न्यूनतम 5 प्रतिशत संस्थागत सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। यह मिश्रित विकास मॉडल इन सिटीज को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाएगा।

1000 एकड़ भूमि और निर्माण का ईपीसी मोड

विशिष्ट रूप से, जापानी सिटी के लिए ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-5A में 500 एकड़ भूमि प्रस्तावित की गई है, जबकि सिंगापुर सिटी के लिए सेक्टर-7 में 500 एकड़ का क्षेत्र चिन्हित किया गया है। प्राधिकरण इन दोनों महत्वपूर्ण परियोजनाओं का विकास ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मोड पर करने की तैयारी में है। भूमि अधिग्रहण की योजना तैयार है, जिससे आने वाले समय में यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे अंतरराष्ट्रीय निवेश और रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे।